,

स्कूल में स्वीपर का काम करने वाली मां का बेटा 12th में लाया 92.8% मार्क्स

Sponsored 

हमारे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके लाल बहादुर शास्त्री की जीवनी का एक किस्सा जो बहूत मशहुर है और वो कहानी लोगों को बहूत प्रेरणा भो देती है चलिए हम आपको बताते है की हम किसकी बात कर रहे है असल में जब लाल बहादुर शास्त्री छोटे थे तब वो स्कूल जाने के लिए नदी तैर के स्कूल पढने जाया करते थे जब जब कोई भी इस कहानी को पढता है उसे आत्मविश्वास के साथ मेहनत के रास्ते पर चल पड़ता है और अपनी मंजिल तक पहुँचता है .

Source

ऐसे ही एक प्रेरणा देने वाली एक और कहानी हम आपको बता रहे है असल में एक लड़के की कहानी है जो की लोगों के ताने और बकवास सुनने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारा और अपनी मनख\जिल तक पहुँच गया और वहां पहुँचने के बाद जो लोग उसको ताना देते थे उन सबके मुह बंद होगये है .
आपको तो पता है की हाल ही में आये 12 वीं के परिणामों आये है उसमे से कई ऐसे बच्चों के बारे में बातें पता चला, जिन्होंने संसाधनों के कमी होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और इन परीक्षाओं में आम बच्चों से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया.

और उन काबिल बच्चों में से एक ऐसा काबिल बच्चे की कहानी है जो की झारखंड की राजधानी रांची से है, उस काबिल बच्चे का नाम निखिल जॉय तिग्गा है उस लड़के ने 92.8 फीसदी मार्क्स प्राप्त किये हैं. और जब उससे पूछा गया की ये सब क्या अकेले उसकी मेहनत है तो उसने बताया की इन मार्क्स के आने के पीछे उसकी मां का सबसे बड़ा हाथ है वो उनको अपनी प्रेरणा मानते हैं, उनकी माँ एक प्राइवेट स्कूल में झाड़ू-पोछे का काम करती हैं. जैसे ही रिजल्ट आये बस फिर क्या है लोगों ने निखिल के घर बधाई देने का सिलसिला जारी कर दिया है.

और आपको जान कर हैरानी होगी की आज भी लोग छोटी जाति के लोगों को या झाड़ू पोंचा करने वाले के बच्चे को चिड़ाते है . जी हाँ असल में इससे पहले स्कूल में कई लड़के निखिल को झाड़ू वाली का बेटा कह कर उसका मजाक बनाते थे. पर निखिल ने इन सब तानों की परवाह किये बिना सिर्फ अपनी पढ़ाई में लगे रहे.
और सूत्रों से पता चला है की निखिल ने एक और परीक्षा भी क्लियर कर ली है और वो परीक्षा है IIT Mains की. सोशल मीडिया के माध्यम से निखिल इन दिनों सबकी जुबान पर है. उन्होंने कुछ दिन पहले एक तस्वीर खिंचवाई थी उनकी मां के साथ स्कूल की सीढ़ियों पर बैठ कर जो की आज कल कई मीडिया प्लेटफार्म पर छाई हुई है.
निखिल की इस तरह की प्रेरणा देने वाली कहानी पढ़ कर हरिवंश राय बच्चन की एक पंक्ति फिर जहन में ताज़ा हो गई ‘लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती’. निखिल की इस लाजवाब और हिम्मत दने वाली कामयाबी को हम दिल से सलाम करते हैं.

Loading...

Source: Amarujala

Sponsored 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कुछ खिलाड़ियों ने अपने ही दोस्त के प्यार के साथ बनाए सम्बन्ध और छीना उनका प्यार

टूटे हुए तारे से बन गई थी यह सुन्दर झील, देखिये इसकी खूबसूरत तस्वीरें