in

होली के बारे में कुछ रोचक तथ्य – Interesting Facts about Holi in Hindi

Image Source

होली के बारे में यही कहा जाता है कि यह खुशियो का त्यौहार है जिसमे दुश्मन भी गले मिलते है । होली भारत के सबसे अहम् त्योहारो में से एक है जिसे हर साल करोड़ों लोग दुनियाभर में बड़ी धूम से बनाते है तो आइये जानते है होली के बारे में कुछ रोचक तथ्य ।

1. होली हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

2. माना जाता है कि होली के दिन पुरानी कटुता को भूल कर गले मिलते वाले फिर से दोस्त बन जाते हैं।

3. होली को फगुआ, धुलेंडी, दोल अदि नामो से भी जाना जाता है ।

4. होली का त्योहार वसंत पंचमी से ही आरंभ हो जाता है। उसी दिन पहली बार गुलाल उड़ाया जाता है। इस दिन से फाग और धमार का गाना प्रारंभ हो जाता है।

5. होली मनाने की प्रथा का उल्लेख करीब ईसा से 300 वर्ष पूर्व का है ।

6. होली का त्यौहार लगभग सभी धर्मो द्वारा मनाया जाता है ।

7. शाहजहाँ के ज़माने में होली को ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी (रंगों की बौछार) कहा जाता था।

8. होली दो दिन का पर्व है ,पहले दिन होली का दहन और दूसरे दिन रंगों से खेल जाता है ।

9. होली को फाल्गुन माह में मनाए जाने के कारण इसे फाल्गुनी भी कहते हैं।

10. होली को कवियों और साहित्यकारों ने”मस्ती का त्यौहार” कहा है क्योंकि इस वक्त हर कोई खुश होता है।

11. सुप्रसिद्ध मुस्लिम पर्यटक अलबरूनी ने भी अपने ऐतिहासिक यात्रा संस्मरण में होलिकोत्सव का वर्णन किया है

12. बादशाह अकबर भी जोधाबाई के साथ तथा जहाँगीर नूरजहाँ के साथ होली खेलते थे ।

13. कुछ लोग का यह भी कहना हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन पूतना नामक राक्षसी का वध किया था। इसी खु़शी में गोपियों और ग्वालों ने रासलीला की और रंग खेला था इसी कारण बृज में होली की बहुत मान्यता है।

14. ऐसा भी माना जाता है की होली में रंग लगाकर, नाच-गाकर लोगो को शिव के गणों का वेश धारण होता है।

15. होली का पर्व भारत के अलावा नेपाल और अन्य भारतीय प्रवासी देशो में भी धूमधाम से मनाया जाता है।

16. आप सभी को शायद पता होंगा की भारत में व्रज, मथुरा, वृन्दावन और बरसाने की लट्ठमार होली व श्रीनाथजी, काशी आदि की होली बहुत ही प्रसिद्ध है ।

17. भारत के कई हिस्सों में आज भी खेले काने वाली होली पाँच दिन तक मनाई जाती है।

18. संभवत होली ही एकमात्र ऐसा त्यौहार हैं जो भारत के सभी 29 राज्यों में मनाया जाता हैं।

19. होली के दिन ही महाऋषि मनु का भी जन्म हुआ था।

20. होली का त्यौहार उत्तर-अमेरिका तथा यूरोप में भी हर साल बड़ी धूम से मनाया जाने लगा है ।

21. वैदिक काल में होली (Holi) के पर्व को न्वान्नेष्ठ यज्ञ कहा जाता था। इस यज्ञ में अधपके अन्न को यज्ञ में हवन करके प्रसाद लेने का विधान समाज में था । उस अन्न को होला कहते है तब से इसे होलिकात्स्व कहा जाने लगा । और तभी से होलिका दहन के समय अधपके अन्न के रूप में गेहू की बालियों को पकाकर उसे प्रसाद के रूप में लेते है ।

22. होली के पीछे यह घटना मानी जाती है कि हिरण्यकश्यप नाम का एक राक्षस हुआ करता था जो कि खुद को भगवान मानने लगा था और जो कोई उनका विरोध करता था तो उसे वो मार देता था लेकिन जब उनके बेटे प्रहलाद ने उसका विरोध किया तो उन्होंने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो इसे आग में लेकर बैठ जाये क्योंकि होलिका को वरदान मिला था कि वो जल नहीं सकती लेकिन हुआ इससे उलट, वो जल गई और प्रहलाद बच गया तब से होलिका-दहन होने लगा।

23. महाभारत काल में युधिष्ठिर ने भी होली का महत्व बताते हुए कहा था कि इस दिन जनता को भय रहित क्रीडा करनी चाहिए । होली के दिन हसने ,कूदने ,नाचने से पापात्मा का अंत हो जाता है । उन्होंने अपनी जनता को होली की ज्वाला की तीन परिक्रमा करके हास परिहास करने को कहा था तब से होली खुशियों और उमंगो के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

श्री लाल बहादुर शास्त्री जी से जुड़े कुछ ऱोचक तथ्य – Interesting Facts about Lal Bahadur Shastri

राजीव दीक्षित से जुड़े कुछ ऱोचक तथ्य – Interesting Facts about Rajiv Dixit in Hindi