in

सलाम है देश के इस बहादुर जवान को, जिसने अपनी मातृभूमी के लिए सीने पर खाई 8 गोलियां

 

हमारे देश का सभी जवान हमेशा ही अपनी मातृभूमी के लिए मरने-मिटने को तैयार रहते है। उनकी देशभक्ति के कारण ही आप और हम अपने-अपने घरों में चैन से जीते है। हमारे देश के ऐसे बहुत से जवान है जिनकी बहादुरी व देशभक्ति के बहुत अनेकों किस्से है। तो चलिए आपको उन्हीं जवानों में से एक कश्मीरी जवान की बहादुरी से रूबरू कराते है जिसने देश के लिए अपने सीने पर 8 गोलियां खाई।

कश्मीर के सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल खुर्शीद अहमद वो बहादुर जवान है जिन्होंने देश के लिए 8 गोलियां खाई। उनके लिए बीते दो महीने बिल्कुल भी आसान नहीं रहे।सीने पर 8 गोलियां खाने वाले अहमद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एमर्जेन्सी वॉर्ड के बिस्तर पर इतने बुरे हालत में है कि उनके शरीर में कोई भी हलचल नहीं हो रही है।

thequint_2016-08_4ead1f53-0224-4cf8-bd9e-8a5a41f99d55_20160822_164804
Image Source

यह घटना 25 जुन की है जब अहमद अपने कुछ सीआरपीएफ साथियों के साथ शूटिंग प्रैक्टिस से वापस आ रहे थे। अचानक ही 4 आतंकवादियों ने हमला किया। इस हमले में आठ सीआरपीएफ जवानों की मृत्यृ हो गई व 22 जवान घायल हो गए थे।

इसके बाद उन्हें आइसीयू में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। 23 सालों से अपने देश की सेवा करने वाले अदमद के हौसले में कहीं भी कोई कमी नहीं आई।अहमद को कमर और कंधों में गोलियां लगी थी, उनका शरीर बुरी तरह से ज़ख्मी हो गया था। इन सबके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी व फिर भी उन्होंने लड़ाई जारी रखी।

इस बारे में खुद अहमद ने बात करते हुए कहा कि ‘8 गोली लगने के बाद भी मैं कम से कम एक घंटे तक लड़ता रहा। साथ ही मैनें अपनेसाथियों को आवाज़ भी दी, इसके बाद मैं चुप हो गया। मैने ऐसे ही गर्दन उठाई, मैने सोचा अब क्या करू? मेरे सामने से मिलिटंट आ रहा था, तभी मैंने फायर करने की कोशिश की, मेरे हाथ पर गोली लगी।

thequint_2016-08_d273518d-905e-4831-aec5-5489c86e86c7_IMG-20160823-WA0000
Image Source

अहमद कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले है। परिवार को उनके इस देशभक्ती पर नाज़ है। अहमद के परिवार वालों की माने तो अहमद ठीक होने के बाद फिर से अपनी ड्यूटी ज्वाइन करेंगे।अहमद भी यही कहते है कि ‘ठीक होने के बाद मैं फिर से ड्यूटी ज्वाइन करूंगा, मैं गोलियों से नहीं डरता, मैं एसटीएफ में कई आइजी, डीआइजी के साथ गनमैन रहा हूं। अब श्रीनगर में कोई भी उग्रवादी नहीं है, हालांकि पहले थे। पीक पर गोलियां चलती थी।

खुर्शीद फिलहाल आईसीओं से बाहर है, उनकी रीढ़ की हड्डी के घाव अभी ठीक नहीं हुए। साथ ही शरीर का नीचे का हिस्सा अभी ठीक से काम नहीं कर रहा है।डॉक्टरों की माने तो उनके शरीर के अंदर गोली का कुछ हिस्सा अभी रह गया है। खुर्शीद पूरी तरह से ठीक नहीं है व उनके पैर भी काम नहीं कर रहा है।

thequint_2016-08_4a767f97-e5e7-4ecd-a757-6b2dda2f2b7f_Khursheed
Image Source

हम अहमद जैसे उन हज़ारों-लाखों वीर जवानों के जज्बें को सलाम करते है, जो निस्वार्थ देश की सेवा करते है व अपनी जान की परवाह ना करते हुए सीमा पर अपने देश की रक्षा करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

गणित से जुड़े रोचक तथ्य | Maths Facts In Hind

Amazing Facts About G-mail In Hindi – जीमेल के बारे में रोचक तथ्य