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बचपन मे माँ – बाप की हत्या लेकिन खुद अपनी मेहनत से बनी IAS

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यदि मन में किसी लक्ष्य को पाने की ठान ली जाए तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है किंजल ने।
बचपन में कभी सड़कों पर चूड़ी बेचने वाली किंजल आज आईएएस अफसर हैं। कठिन परिस्थितियों में इस मुकाम को हासिल करने वाली किंजल की कहानी बेहद संघर्ष पूर्ण रही है। जानिए कैसा रहा उनका सफर…

Kinjal-Singh

फ़ैज़ाबाद की डीएम किंजल का बचपन उतना रंग भरा नहीं था। उनके परिवार की कहानी बहुत ही भावुक है! बचपन  मे पिता की हत्या, माँ कैंसर की बिमारी से मर गयी!! किंजल सिंह मात्र 6 महीने की थी जब उनके पुलिस अफ़सर पिता की हत्या पुलिस वालों ने ही कर दी थी। तब से किजल को आईएएस बनने का जोश चडा !किंजल के पास न रहने के लिए घर था और न पढ़ने के लिए पैसे। था तो सिर्फ़ हौसला, जो उनके सपनों को पूरा करने के लिए काफ़ी था
किंजल का बचपन बहुत कथिनाइ मे बीता। उसने बहुत मेहनह करनी सुरु कर दी! अपनी पुरी लगन और मेहनह से  उसका सपना पूरा हुआ !! जिन्दगी के हर मोड़ ने ली परीक्षा, पर   किंजल कभी मंज़िल से भटकी नहीं ।और सन 2008 में आईएएस बनी!  आज उनकी पहचान एक तेज़-तर्रार अफ़सर के रूप में होती है। उनके काम करने के तरीके से जिले में अपराध करने वालों के पसीने छूटते हैं।

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